प्रो. कमलेशदत्त त्रिपाठी :व्यक्तित्व,कृतित्व और साहित्यिक अवदान
साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत तथा विश्व विश्रुत कालिदास अकादमी (उज्जैन) के निदेशक के पद पर कार्यरत प्रो० कमलेश दत्त त्रिपाठी (1) देश विदेश में भारतीय विद्याविद और शास्त्रविद् के रूप में प्रख्यात है । अत्यधिक शान्त एवं सरल स्वभाव वाले त्रिपाठी जी के तीक्ष्ण ज्ञान चक्षु, पाण्डित्यपूर्ण लेखनी, तेजस्वी व्यक्तित्व का प्रभाव उनके कार्यों में स्पष्ट परिलक्षित होता है।अपनी उल्लेखनीय साहित्य साधना एवं अप्रतिम सर्जनात्मक प्रतिभा से प्रोफेसर त्रिपाठी ने संस्कृत को समृद्ध कर जो प्रतिमान स्थापित किये हैं, वह उल्लेखनीय है। धर्म, दर्शन और व्याकरण पर उनका पूर्ण अधिकार रहा है।नाटयशास्त्र एवं संस्कृत रंगमंच को उन्होने पुनर्जीवन प्रदान किया है। विदेशों में संस्कृत का प्रचार प्रसार करके,उसे विस्तृत फलक पर ले जाने वाले प्रोफेसर त्रिपाठी महान साहित्यकार एवं समीक्षक हैं । सौन्दर्य शास्त्र, नाटयशास्त्र एवं संस्कृत रंगमंच के क्षेत्र में,वे जीवन भर सक्रिय रहे । शास्त्र और प्रयोग दोनों में समान रूप से उनकी रूचि और गति रही है, शायद इसी कारण ...